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विकास (सुशासन) की पोल खोलता एक पुल

बिहार या सारण के मंत्री...?

लगे रहिए- पर जोश में होश जरूरी है...

शर्म करो! लौट आए हम बिना वोट दिए

कहां गुम हो गयी पी की आवाज?

वे कत्‍ल भी करें तो चर्चा नहीं होती...

अयोध्‍या के बहाने...

वे कहते हैं, बिहार बदल रहा है

चुनाव में क्‍यों गरीब हो जाते हैं नेताजी?

हलो, हाय के बाद खामोशी

इसीलिए तो मुंह काला है झूठ का...

तिरंगे की शान में केन्‍द्र की गुस्‍ताखी

सलमान जी! बातें तो खूब रहीं आपकी, अब कुछ काम भी कीजिए

पोर्निस्‍तान : यह बंद तालों का असर लगता है

ये आतंकी है, न पूछो इनकी जात क्‍या है?

दिस इज बिहार पुलिस

तथाकथित जनसेवकों! अब बस भी करो

बीबी हो तो ऐसी

यतो धर्म: ततो जय