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हर बार पुलिस की तरह देर से क्‍यों पहुंचते हैं खोजी कुत्‍ते ?

नाम से ब्रम्‍हचारी, कार्य से कदाचारी...

यहां मोहब्‍बत खून मांगती है

अनशन नहीं, उम्‍मीद तोड़ रहे हैं अन्‍ना

... अपना के दारा सिंह बुझ$ताड़$ ... ?

उसकी हवस से हार गया पति का प्रेम

श्रावण की पहली सुबह हर-हर महादेव से गूंजे मनुष्‍यालय से शिवालय तक

भारतीय रेलवे : यात्रा "मुस्‍कान" के साथ... ???

इसे गिरफ़तारी कहते हैं तो अपहरण किसे कहते हैं... ???

इस महापाप की सजा क्‍या... ?

... आखिरकार शराब पी, रुपये ले और मुर्गा खा ही हुई वोटिंग

नगर निकाय चुनाव : होगी बस जाति, पैसे व शराब की बात

भारतीय गणतंत्र दिवस : बहुत दिन नहीं हुए, कितना बदल गए हैं हम...।