चूल्हे की आग में गर जलीं है भटि़ठयॉं, कुछ तो वजह होगी
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| महम्मदपुर बाजार में धू-धू कर जल रही महिलाओं द्वारा फूंकी गयी शराब भटठी |
घर में चौका-बर्तन करने वालीं गॉंव की महिलाऍं जो घर की दहलीज लांघना अपनी संस्कृति का विरोध मानती हैं, कल सड़कों पर उतरीं। वे महिलाऍं जो अपने घर में शराब की बदबू को भी गुनाह समझती हैं, कल शराब की भटिठयों तक पहुंचीं। वे महिलाऍं जिनके हाथ में झाड़ू होता है घर की सफाई के लिए, वे कल उसी झाड़ू को लेकर घर के बाहर समाज की बुराई को साफ करने निकलीं। वे लड़कियॉं जो सिर्फ घर से स्कूल और स्कूल से घर आती-जाती हैं, कल समाज की सबसे गंदी जगह- शराब भट़ठी, शराब की दुकानों पर गयीं। वे महिलाऍं- युवतियॉं जो मारपीट के नाम से ही खौफ खाती हैं, कल उनके हाथ ताबड़तोड़ चले। वे महिलाऍं-युवतियॉं जो अब तक सिर्फ चूल्हे में ही आग जलाती रही हैं, कल चूल्हे की चिंगारी से भटि़ठयों को फूंका...। सारण जिले के पानापुर क्षेत्र के महम्मदपुर बाजार में कल क्षेत्र की महिलाएं व युवतियां, वहां संचालित शराब भटि़ठयों और अवैध शराब दुकानों को आग लगा दीं, शराबियों व धंधेबाजों को पीटा, हाथों से- लातों से- झाड़ू से। चूल्हे की आग में कल शराब भटि़ठयां धू-धू कर जलीं।
यह तस्वीर दों हालातों को बयां कर रही है। एक तो यह कि शराब के प्याले में अपने घर-परिवार को डूबते हुए अब महिलाऍं चुपचाप नहीं देख सकतीं, पानी सिर से ऊपर जा चुका है। और दूसरा यह, कि महिलाऍं सिर्फ पुलिस से हाथ जोड़कर इन शराबियों, शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मिन्नतें ही नहीं करती रहेंगी, अपना घर तबाह होने से पहले उन्हें तबाह कर देंगी जो उनकी तबाही का सबब बन रहे हैं। यह तस्वीर महिलाओं की जागरूकता की कहानी कह रही है, यह तस्वीर बुराई के प्रति उनकी खिलाफत की मिशाल पेश कर रही है लेकिन यह तस्वीर यह भी कह रही है कि पुलिस पूरी तरह निकम्मी हो चुकी है, शराब माफियाओं के हाथों बिक चुकी है और उसकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, जमीर सबकुछ शराब की बोतल में बंद हो चुका है, या फिर नोटों के रूप में उनके पाकेट में बंद हो गया है।

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