अनशन नहीं, उम्मीद तोड़ रहे हैं अन्ना
अन्ना हजारे ने अपना अनशन तोड़ने का निर्णय ले लिया है और अखबारों की मानें तो आज शाम 5 बजे वे अपना अनशन तोड़ेंगे। हमें लगता है उन्हें अपना अनशन नहीं तोड़ना चाहिए। वे अनशन नहीं बल्कि उन करोड़ों लोगों की उम्मीद तोड़ने जा रहे हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचारी विरोधी आंदोलन में अन्ना का समर्थन किया और जिन्होंने अन्ना को यह मुकाम दिया कि अन्ना की आवाज देश की आवाज बन सकी। ऐसे लोगों का भरोसा तो उन्होंने तब भी तोड़ा था जब पिछली बार अनशन तोड़ा था लेकिन इस बार रही-सही उम्मीद भी टूट जाएगी। ना तो कोई किसी को दिल बार-बार देता है, न दिल में बिठाता बार-बार है और न ही भरोसा बार-बार करता है। एक बार भरोसा टूट जाए तो कोई तंत्र नहीं जो दुबारा यकीन दिला सके। यदि दिला भी सके तो वह शर्तों पर टिका भरोसा होता है, दिल से किया गया विश्वास नहीं। जनता का वही भरोसा जितने के लिए अब अन्ना को कई परीक्षाओं से गुजरना होगा।

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