संदेश

मां के लिए एक ही दिन क्यों...?

इतना भी 'सोशल' न हो जाइए कि अपना कुछ रहे ही नहीं

हर पुल कमजोर ही बनेगा, जब तक आरक्षण का पुल मजबूत है

कौन नारंग? वो तो हिन्दू था न?

इ पब्लिक का नेता जी को बधाई!

हम भी भक्त है, हाँ, तुम बड़े वाले हो!

धत... तुम इसे प्यार कहते हो!

यहां तो नेता और बलात्कारी एक जैसे नजर आते हैं...।

अपनी हद न भूले आदमी, खुदा न बने आदमी...!

आंखों देखी! पंचायत चुनाव के पहले की एक रात।

नेता से अच्छा बेटा