इ पब्लिक का नेता जी को बधाई!
'अमन और विकास का प्रदेश है उत्तर प्रदेश और यह सबकुछ समाजवादी विचारधारा के पुरोधा माननीय मुलायम सिंह यादव और युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की देन है...। उत्तर प्रदेश में सपा के शासन के चार साल पूरे हो गए हैं और इन चार सालों में सिर्फ काम हुए हैं...।'
क्या बात करते हैं, नजर नहीं आता आपको? भाजपाई हैं क्या? अच्छा समझें, बसपा को सपोर्ट करते हो! नहीं? तब तो जरूर कांग्रेसी होंगे। अपने पास तो कुछ बचा नहीं, इसलिए दूसरे से चिढ रहे हो...। अच्छा आप से हो? तभी कहूँ इतने तनाव में क्यूं हो। उससे भी नहीं? माकपा भाकपा वाले नहीं हो न? इन्हें भी कही लह नहीं रहा तो पीछे पड़े रहते हैं। ... तब तो जरूर संघी या वामपंथी हो। क्या भारतीय हो? देश के नागरिक? आम आदमी? ... अजीब बात है, आम आदमी भी सवाल करेगा तो देश कैसे चलेगा भाई? अच्छा चलो तुमको आम आदमी की तरह ही समझाते हैं। वोट तो तुम्हारा भी उतना ही कीमती है जितना पढ़े लिखे लोगों का। मज़बूरी है, बताना ही पड़ेगा...।
हाँ त भाई का कह रहे थे? विकास नहीं हुआ? अरे भाई ई का कह रहे हो तुम? तुम्हें कहीयों विकास नजर नहीं आ रहा? बड़ा बुरबक है भाई! चलो, आओ हम तुमको विकास दिखाते हैं, और अपना और लोग को भी लेते आओ जिनको मोतियाबिन्द का रोग लग गया है। सबको दिखाएंगे। तुम्ही सब के लिए पूरे प्रदेश के ब्लाक में 'समाजवादी विकास दिवस' मनवा रहे हैं। जहाँ रहते हो वहीं का विकास नहीं देख पाते हो! अख़बार में पढ़ो, न्यूज़ चैनल पर देखो...। अरे भाई, हम तो भूल ही गए, तुम त ढेर पढ़ा लिखा भी नहीं है। कोई बात नहीं। तुम्हारे लिए स्पेशल अख़बार अउर टीवी में सुन्दर सुंदर विज्ञापन का व्यवस्था किए हैं। तुम्हरे गांव के चौराहे पर पोस्टर भी लगवा दिए हैं। विकास का बड़ा बड़ा फ़ोटो है उसमें, देख लेना। ... हुँह... कहता है कहाँ विकास हुआ है।
... जब भी किसी सरकार के एक साल, दो साल, तीन साल, चार साल होते हैं, अख़बार, विपक्ष, और तमाम लोग पीछे पड़ जाते हैं। सरकार जनता का दुःख छोड़कर सब समझती है, इसीलिए इनके सवाल के पहले ही सरकार का जवाब हाजिर हो जाता है। कल पूरे यूपी में समाजवादी विकास दिवस मनाया गया। शासन के अधिकारी और सपा के नेता मंच से जनता को बता रहे थे कि सरकार ने उनके लिए क्या किया। आज अख़बार में यह सब पढ़ने को मिलेगा। बड़े बड़े विज्ञापन भी होंगे। आप न्यूज़ चैनलों पर भी देख सकेंगे कि यूपी में सरकार ने चार सालों में क्या किया...। बस अपने आस पास मत देखना...। बड़ा कड़वा और बड़ा मजाक लगता है यह सब। कैसे हमें ही बताया जाता है कि हमारे लिए उन्होंने क्या किया। यूपी वालों को बता रहे हैं कि उनका उत्तर प्रदेश कितना उत्तम हो गया है। काफी मजेदार है न? गोरखपुर वालें जान लें कि यहां कौन कौन सी सड़क बनी है। कुशीनगर वाले भी देख लें कि अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए इस सरकार ने क्या क्या नहीं किया। वाकई मजेदार है...। बेरोजगार समझ लें कि सरकार ने कितनी नौकरियां बाँट दी। किसानों के लिए तो जितना किया गया है, कोई सरकार कभी नहीं कर पाएगी। लड़कियों तुम भी जान लो कि लड़कियां जितनी यूपी में सुरक्षित हैं, उतनी कहीं और नहीं। दलितों और शोषितों को भी जानना चाहिए क़ि सरकार उनके लिए कितनी प्रतिबद्ध है। और हाँ, बस एक सपा पार्टी ही है जो जात नहीं, जमात की बात करती है। हम विकास में कोई भेदभाव नहीं करते...। (इसीलिए कहीं विकास नहीं करते।☺) हमारे चार साल आपने देखे हैं, एक साल और देखिए। उत्तर प्रदेश की तक़दीर बदल देंगे। आपका आशीर्वाद रहा तो अगले साल फिर हमारी ही सरकार होगी। (क्योंकि हम जानते हैं कि आपको उल्लू कैसे बनाना है☺)
यह सिर्फ सपा की ही बात नहीं है, हर सरकार ऐसे ही उल्लू बना रही है। साहब यदि विकास कर रहे हो तो हम और हमारा एरिया विकसित क्यों नहीं हो रहा? हमें अख़बार में पढ़कर, टीवी में देखकर क्यों जानने की जरुरत है कि विकास हो रहा है? हम उसे अपने आस-पास क्यों नहीं देख सकते? बाँट दो वो चश्मा, जिसे पहनकर हम भी तुम्हारे 'विकास' को देख सकें। बंद करो ये धोखा। बोर्ड की परीक्षा चल रही है और बिजली नहीं है। हर चुनाव में वादा करते समय 24 घण्टे से एक भी मिनट कम बिजली देने का वादा नहीं करते लेकिन देते कितने हो? किसान हितैषी बनते हो! खेत बोना होता है तो नहर में पानी नहीं देते, नलकूप नहीं बनवाते, बिजली नहीं देते। शुद्ध पानी पीने के लिए जागरूकता के नाम पर बेवकूफ बनाते हो, कई बार तहसील दिवस पर जाएं तो भी गांव का हैंडपंप नहीं बनवाते। गांव में भी मीटर से बिल ले रहे हो, ट्रांसफार्मर खराब हो जाए तो अपने खर्च से गाँव ले जाना पड़ता है। विधायक जी से पैरवी करानी पड़ती है। चंदा लगाकर लाइनमैन को पैसा देते हैं। वाह नेता जी, हर स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज और जाँच की मुफ़्त सुविधा दे रखे हो। बताओगे कि तब क्यों वहां भी पैसा देना पड़ता है। वहां भी विधायक जी से कहलवाना पड़ता है। तुमने तो करोड़ो दे रखे हैं अस्पतालों को, जरा पूछो उनसे कि पैसों में मिल जाने वाली एक्सरे प्लेट भी क्यों नहीं रहती और हमें उसके लिए अस्पताल में सोकर अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। हाँ तुम तो पुलिसिंग में भी बहुत सुधार कर दिए हो नेता जी। कभी वेश बदलकर आओ किसी थाने पर और ईमानदारी से मोबाइल चोरी का भी रिपोर्ट दर्ज कराकर दिखा दो तो जाने।
हाँ इहां खूब व्यवस्था कर रखी है गाँव के सरकारी स्कूलों में फिर नेताजी उसमें अपने बच्चों को क्यों नहीं पढ़ाते? नेता जी, हम साइकिल, ड्रेस, खिचड़ी दूध के लिए बच्चों को स्कूल नहीं भेजते। हम तो पढ़ने के लिए भेजते हैं और इसलिए एक टाइम नून रोटी खाकर भी मुन्ना को प्राइवेट में भेजते हैं, तुम्हरे सरकारी में नहीं। खूब दे रहे हों रुपइया शिक्षा के नाम पर तो शिक्षकों को क्यों नहीं देते? पढ़ाना उन्हें है कि थाली प्लेट को? जिस पर तुम खर्च करते हो। अरे नेता जी, खूब बेवकूफ बना रहे हो। तुम कहते हो बेरोजगारी ख़त्म कर रहे हो। हम का इतना भी नहीं समझते हैं जब हमार बिटवा हर महीने फॉर्म भरने के लिए पैसा मांगता है और फिर कहता है कि भर्तीए कैंसिल हो गया? और जब खूब पढ़ाने लिखाने के बाद नौकरी के लिए अलग से लाखन रुपइया हम खेत बेच के देते हैं तब का हमको पता नहीं है कि तुम केतन लोग के आ कैसे रोजगार देत हो? ठीक है चलवाओ मेट्रो हम कहाँ रोके हैं। हम भी घूमने आएँगे। लेकिन उहाँ तक जाने वाली सड़क तो ठीक करा दो। आकर देख लो गांव में, जो कई साल पहीले था उहे सड़किया आजो है आ ओइसहिं। और भी बहुत कुछ है, का बताए तुम अनजान थोड़े ही हो। छोड़ों! देख लेंगे अख़बार टीवी में तोहरा विकास के, हमार विकास त नौकरिए के तैयारी में हमसे पहीले बूढ़ा हो गया लग रहा है...।
वाह नेता जी, अभीए हकरवा अख़बार फेक के गया है। बिजली आ गई तो टीवी भी चालू कर लिए। बधाई हो नेता जी! आपका विकास त लगता है की टीवी अख़बार फाड़ के कहीं सहीए में बाहर न आ जाए! बुरा न मानिएगा। दिल से बधाई दे रहे हैं। विकास के चार साल मुबारक हो।

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