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... आखिरकार शराब पी, रुपये ले और मुर्गा खा ही हुई वोटिंग

नगर निकाय चुनाव : होगी बस जाति, पैसे व शराब की बात

भारतीय गणतंत्र दिवस : बहुत दिन नहीं हुए, कितना बदल गए हैं हम...।

शैक्षिक भ्रष्‍टाचार : भविष्‍य तो था ही दांव पर, अब शादी की भी चिंता

जयप्रकाश विश्‍वविद्यालय : खत्‍म नहीं होता परीक्षा फल का इंतजार यहां

अजीब दास्तां है ये...

कहीं बुझ न जाए दीया की ये बाती

भोजपुरी, बटोहिया और रघुवीर नारायण!

यह रघुवीर नारायण कौन है ?

चेतिए___ वरना कहीं कथाओं और फिल्मों तक ही न रह जाए बैलों के घुंघरू की आवाज

भाग्यविधात्री देवी व ग्रहराजा को प्रणाम!