संदेश

आजादी नहीं, आइए बैन का समर्थन करें!

जिसका डर था, वह भी हो गया...

दिलीप सी मंडल... चल हट्ट... दुर्रर-दुर्रर...

पत्रकार' को मारने वाला 'संवाद सूत्र' अब मरना चाहिए...!

राहुल जी, इस जनेऊधारी की भी सुन ही लीजिए...!

इस रेप की आजादी तो न दीजिए!

भावनाओं से खेलने पर बैन होना ही चाहिए...

आदमी की भूख पहचानती हैं पक्षियां

सरकार, सरकार कोई दुकानदार नहीं है... समझिए!

मजा किरकिरा हो जाता... 'इश्क' जब सिरफिरा हो जाता...