यह अच्छा है कि आपकी जाति नहीं, काबिलियत देखी जाती है...
धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है यह लेकिन सारी योजनाएं, नौकरियां जाति-धर्म देखकर दी जाती हैं। सरकार जाति-धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं करती लेकिन वह कुछ भी देती है तो बिना जाति पूछे देती भी नहीं। यही नहीं, जाति के नाम पर वोट लेने वाले नेता बुरे हैं, नौकरियां लेने वाले अच्छे हैं! किसी से किसी की जाति पूछना गुनाह है लेकिन हर कोई अपनी जाति का सर्टिफिकेट लिए बाजार में खड़ा है...!
सवर्ण हैं आप। सरकार ने आपको भी एक सर्टिफिकेट दे दिया है। मान लिया है कि आप गरीब नहीं हो सकते, आपकी कुंडली में राजयोग है! आपको शिक्षा की भी जरूरत नहीं, आप मां के पेट से ही तीक्ष्ण-बुद्धि लेकर अवतरित होते हैं! आपको नौकरी की तो जरूरत बिल्कुल भी नहीं है, कुबेर का खजाना आपके लिए ही तो है! आप भूखों तो कभी मर नहीं सकते, अन्नपूर्णा की विशेष कृपा है आप पर। आप बेघर नहीं हो सकते, विश्वकर्मा आपके लिए घर बना गए हैं धरती पर, ढूंढिए उसे! आप भूमिहीन तो बिल्कुल नहीं हो सकते क्योंकि ब्रह्माण्ड को आपने ही बनाया और जितना मन किया, आपने उतनी भूमि अपने हिस्से में रख ली! और वामन अवतार में ली भूमि भी तो विष्णु ने आपको ही दे दी थी! याद नहीं क्या? लेकिन सरकार को याद है! एक बात और, आपके साथ कुछ भी हो जाए, आप शोषित नहीं, शोषक हैं! अब तक, अभी, और आने वाले समय में जो कुछ भी गलत हुआ, हो रहा है, होने वाला है उन सबके लिए आप ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि जब पृथ्वी अस्तित्व में आई तब सबसे पहले आप ही आए थे! बाकियों को तो आपने ही बनाया है! बाकी सबकुछ आपका ही रचा है! आप मानें,न मानें, आपके बारे में सरकार को सब पता है!
हाँ, आप सामान्य हैं लेकिन बिना किसी मलाल बने रहिए क्योंकि कहीं भी आपको अपनी जाति बताने की नहीं, काबिलियत दिखाने की जरूरत पड़ती है!

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