संदेश

मीडिया में भी ओवैसी हैं; एक नहीं, कई...

आज हिंदू भी जरूर लिखिए... या फिर कभी मुस्लिम—दलित भी न लिखिए!

यदि अम्बेडकर युग यही है तो इसे आने न दीजिए...

जगाइए अपना जमीर... पुकार रहा कश्मीर...

हां, निष्पक्ष नहीं हैं हम...!

अब यह दोष भी ब्राह्मणों पर...?

प्रधानमंत्रीजी, हिम्मत जुटाइए, यह करके दिखाइए तो मानें...

कल गणेश चतुर्थी थी...? 

अगड़ी-पिछड़ी जाति और आदमी...

अंदर का लालू, बाहर के लालू का तो बचाव करेगा ही...

अब भी इवीएम छोड़कर अपने दोष देख लीजिए!