यह है कश्मीरियत तो इससे कश्मीर को बचाइए!


जरा बताइए यह कश्मीरियत होती क्या है? आपका कभी इससे सामना हुआ? हिंदुस्तान में रहकर पाकिस्तान का झंडा फहराना कश्मीरियत है? या फिर देश के जवानों पर पत्थर बरसाना कश्मीरियत है? देश के जवानों को पैर से मारना कश्मीरियत है या आतंकियों को शरण देना कश्मीरियत है? हिंदुस्तान मुर्दाबाद कहना कश्मीरियत है या पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाना? आतंकवादियों की बरसी मनाना कश्मीरियत है कि उनके जनाजे में शामिल होना? आतंकियों की मदद करना कश्मीरियत है या आतंकी हमले में घायल अमरनाथ यात्रियों की चीखें सुनकर ठहाके लगाना कश्मीरियत है? आखिर क्या है ये कश्मीरियत?

     अरे नादानों जिनमें इंसानियत जिंदा न रही, उनमें कश्मीरियत ढूंढ रहे हो? हकीकत यही है कश्मीर बदल चुका है और वहां का आवाम भी। अब कश्मीर को बचाने का सिर्फ एक ही तरीका है कि उसे सबके लिए खोल दो। जब वहां थोड़ा बिहारीपन होगा, कुछ यूपी वाले भैया होंगे, कुछ भोपाली होंगे, कुछ मराठी होंगे और सभी को मिलाकर जब वहां हिंदुस्तानी होंगे तभी कश्मीरियत भी बचेगी और कश्मीर भी। सच कड़वा है लेकिन हालात से इतर बात करना मेरी फितरत नहीं है। नेता अपनी राजनीति बचाने के लिए कश्मीरियत के बचे होने के चाहें लाख दावे करें लेकिन हालात बता रहे हैं कि अब वहां बस एक छोटा 'पाकिस्तान' बच गया है, कश्मीरियत खो गई है।

     प्रधान सेवक जी, चुनाव पहले का अपना वादा याद कीजिए। सिर्फ जुमले न सुनाइए। जो कहा था वह करके दिखाइए। कश्मीर से धारा 370 हटवाइए। कश्मीरियत चाहिए तो कश्मीर में 'हिंदुस्तान' बसने की आजादी दीजिए।

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट