इतना भी न डराओ कि कहना पड़े- "प्रभु, इन नेताओं से देश बचाओ"


कोई कहता है भाजपा हटाओ देश बचाओ, कोई कहता है कांग्रेस मुक्त भारत बनाओ। कभी कोई नहीं कहता कि गरीबी हटाओ, भ्रष्टाचार मिटाओ। क्योंकि सबको पता है कि उसने यदि भ्र्ष्टाचार मिटाने का नारा दिया तो उसका अपना अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा। भाजपा भगाने वाली पार्टी हो या कांग्रेस मिटाने वाली या फिर कोई अन्य पार्टी, जिस मंच से यह पार्टियां इतने विश्वास के साथ देश बचाने की बात करती हैं, उस मंच पर देश का कोई न कोई दुश्मन जरूर बैठा मिल जाएगा। अधिक नहीं तो एक-दो ही सही। आज भी एक सजायाफ्ता देश बचाने आ ही गया। सही तो यह है कि इन भ्रष्टाचारी नेताओं से ही देश बचाने की जरूरत है।

     यह एक पार्टी की बात नहीं है, सभी पार्टियों की यही स्थिति है। एक ही सिद्धान्त है कि कैसे भी देश हथिया लें, न कि देश बचा लें। इन पार्टियों में दागी चेहरे इतने भरे पड़े हैं कि मंच किसी भी पार्टी का हो, कोई सजायाफ्ता नहीं, तो कोई आरोपी तो जरूर ही दिख जाएगा। तब भी नैतिकता का भाषण देते हुए किसी को शर्म नहीं आती क्योंकि सामने ताली बजाती जनता आसानी से मिल जाती है।

     ये नेता जनता से एक-दूसरे को मिटाने का आवाह्न करते हैं और जनता यूं उत्साहित हो जाती है मानो उसके दुख मिटाने की बात हो रही हो। एक नेता दूसरे नेता का, एक पार्टी दूसरी पार्टी का डर दिखाती है और खुद वही बन जाती है जिसका डर दिखा रही होती है। फिर विपक्ष में बैठा शख्स उसका डर दिखाता है और सत्ता उसकी हो जाती है। यह डर सत्ता की चाबी बनता जा रहा है। जो जितना अधिक डरा सके सामने वाली पार्टी से। वास्तव में, यह डर इन नेताओं के खुद का है जो बड़ी ही चालाकी से रैली और भाषण, प्रचार के जरिए जनता के दिल में ट्रांसप्लांट कर देते हैं। मसलन, यदि इस समय की बात करें तो पटना में इकट्ठी पार्टियां डर तो खुद रही हैं बीजेपी से लेकिन यूं कह रही हैं- देश बचाओ, बीजेपी भगाओ... गोया बीजेपी के भागते ही देश बच जाएगा या फिर बीजेपी नहीं थी तभी देश पूर्ण सुरक्षित था।

      अरे भाई, इतना क्यों डराते हो? अभी तो कुछ दिन पहले इसी तरह का नारा देकर खुद बीजेपी भी आई है- कांग्रेसमुक्त भारत बनाओ। अब तुम आ गए यह कहते कि बीजेपी से देश बचाओ। सच बताओ, जब तुम सब कुछ-कुछ एक जैसे ही हो तो कैसे इस देश को हम बचा पाएं? और किससे-किससे बचाएं? कोई ऐसी पार्टी है जहां देश को नोचने वाले न हों? अच्छा आज बीजेपी से देश को बचाने का नारा देने वाले खुद के बारे में ही क्या तुम ऐसा दावा कर सकते हो कि तुम्हारे राज में देश बच जाएगा? कोई घोटाला नहीं होगा? इतना भी मूर्ख क्यों समझते हो कि मंच से कोई सजायाफ्ता भी गरजेगा कि देश बचाओ और जनता आंख बंद कर यकीन कर लेगी? सभी को पता है कि तुम्हें देश की कितनी चिंता है। हां अभी तुम सब देश का नारा देकर खुद को जरूर बचाओ। कोशिश करो, शायद कामयाब हो जाओ। क्योंकि, तुम सब के कृत्य से जनता इतनी डरी है कि तुम एक-दूसरे का डर दिखाकर जीत सकते हो। तुम्हारे पास अपनी खुद की उपलब्धियों के बारे में कहने के लिए कुछ भी नहीं, इसलिए दूसरे की नाकामियां दिखाकर डराते हो। दम है तो देश के लिए अपनी उपलब्धियां बताओ और डराना छोड़कर अपने लिए समर्थन जुटाओ। थोड़ा जमीर जगाओ, खुद को तो हर बार ही बचाया है, हम तो तब मानें जब कभी सच में देश बचाओ।

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