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जुलाई, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हम हैरान रह गए यह देखकर कि छपरा तो कुछ बदला ही नहीं था...

मीलॉर्ड! इसे फैसला कह सकते हैं, न्याय नहीं!

शाबाश! यह भी कोई कम नहीं

यह है कश्मीरियत तो इससे कश्मीर को बचाइए!

जिसने सिखाया या जिनसे सीखा, सभी को प्रणाम!