बोल तो दिया है लेकिन एक बार सोच लो!



आमिर, आपसे तो ऐसी उम्मीद नहीं ही थी। आपको पता होना चाहिए यह देश आपको कितना चाहता है और आपके बयान पर आ रही प्रतिक्रियाएं भी यहीं कह रही हैं कि आपने अपने लाखों चाहने वालों को निराश किया है। जनाब! डरने को तो डर हमें भी लगता है। रोज अखबार में रेप, हत्या, लूट की इतनी वारदातें छपी होती हैं। छोटी बच्चियां तक सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन, हम देश छोड़कर कब जाते हैं? ऐसी बात भी नहीं करते। इस देश ने हमें कभी उतना नहीं दिया, जितना आपको दिया है फिर भी यह देश हमें प्यारा है, यह देश हमारा है। आपने शायद कभी इस तरह सोचा ही नहीं!यह हमारा घर है और हमारे घर में यदि कोई परेशानी हो तो खुद घर छोड़कर नहीं जाते मि. परफेक्शनिस्ट, उन परेशानियों को अपने घर से विदा कर देते हैं।
यह भी ध्यान रखें कि इस देश ने आपका कद इतना बड़ा कर दिया है कि एक तरह से आप जैसे लोग देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब आप कुछ कह रहे होते हैं तो वह दुनिया सुनती है। शाहरुख या आप जैसे लोग जब देश के बारे में कुछ कहते हैं तो विरोधी देशों को एक मौका हाथ लग जाता है और वे इसे हमारे खिलाफ हथियार के रुप में इस्तेमाल करते हैं। इसलिए, आपका बोलना, बाकियों के बोलने से कुछ अलग है और इसीलिए आपको कुछ बोलने से पहले ज्यादा सोचना—समझना चाहिए, बोलना कम चाहिए।
खैर, यदि पत्नी के कहने पर आपको इस देश को छोड़कर जाना ही पड़े तो कहां जाना चाहेंगे? कभी सोचा है? दूसरे देशों में क्या स्थिति है? इतने फैंस कहां मिलेंगे आपको? इतनी टिकटें कहां बिकेंगी आपकी? आपने बस चंद नफरत करने वालों को देखा, करोड़ों प्यार करने वालों की तरफ ध्यान क्यों नहीं दिया? इस देश में सिर्फ आमिर के नाम से ही फिल्में हिट हो जाती हैं, और आप इस देश को छोड़कर जाने की बात ऐसे कर रहे हैं, जैसे किराए का मकान छोड़कर जाना हो? इससे तो ऐसा ही लगता है कि जितना प्यार इस देश ने आपको किया, आप उसका कतरा भी नहीं कर पाए। जनाब! आपने नफरत तो पहचान ली, प्यार को भी जान लो और फिल्मों से बाहर निकल असली दुनिया में भी प्यार बांटो। कभी आप भी गर्व से कहो कि आप एक भारतीय हो!

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