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दिसंबर, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

यहां तो नेता और बलात्कारी एक जैसे नजर आते हैं...।

अपनी हद न भूले आदमी, खुदा न बने आदमी...!

आंखों देखी! पंचायत चुनाव के पहले की एक रात।

नेता से अच्छा बेटा